सोमवार, 26 अगस्त 2013

Kundalini Shakti - Introduction

कुण्डलिनी शक्ति :- हमारे शरीर में मेरुदंड (SPINAL CHORD) के निचले सिरे  पर एक शक्तिशाली नाड़ी है , जो की साढ़े तीन फेरे लिए हुए अपने पूँछ को अपने मुख में रखकर  सुप्तावस्था में रहती है |

इसके साढ़े तीन बार कुंडलित होने के कारण ही इसका नाम कुंडलिनी शक्ति पड़ा | इसे अंग्रेजी में SERPENT POWER कहते है |

इसे योगीजन एक सर्प से भी परिभाषित करते है |
 जो भी हो लेकिन ये कुंडलिनी बड़ी ही शक्तिशाली है | यह शक्ति का भंडार है | सामान्य मनुष्य के द्वारा इसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता | 

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